महाराणा प्रताप ने एक ही वार में इस मुग़ल सरदार के दो टुकड़े कर दिए थे..

महाराणा प्रताप की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की उन्होंने मुग़ल सेनापति बहलोल खान को घोड़े सहित युद्ध में एक ही वार में दो हिस्सों में काट डाला था ।

हल्दीघाटी के युद्ध में मुग़ल सेना के सेनापति कुवंर मानसिंह के हाथी के आगे युद्ध के मध्य भाग के रक्षकों में मुग़ल बहलोल खा इराकी अश्व पर चढ़ा खड़ा था . उस के मस्तक पर लोहे का टोप (सिरस्त्रान) था. लोह जडित कड़ियों से बना कवच पहने हुए वह लोह जंजीरों से बनी पाखर (झूल )से सज्जित घोड़े पर सवार था. अपने चेतक अश्व को प्रबल वेग से दोडते हुए राणा को समीप आता देखकर बहलोल ने उसे युधार्थ ललकारा . राणा ने चेतक को उठा कर बहलोल के मस्तक पर तलवार का ऐसा प्रहार किया जो खान के टोप युक्त मस्तक को काटती कवच युक्त देह यस्ती को चीरती राणा की तलवार पाखर सहित उस के घोड़े को भी चीरकर आरपार निकल गई .

 

http://loksamachar.in/wp-content/uploads/2016/06/ggggggggggggggggggggggggggggggggggg.jpghttp://loksamachar.in/wp-content/uploads/2016/06/ggggggggggggggggggggggggggggggggggg-150x150.jpgADMINspecialइतिहासमहाराणा प्रताप ने एक ही वार में इस मुग़ल सरदार के दो टुकड़े कर दिए थे.. महाराणा प्रताप की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की उन्होंने मुग़ल सेनापति बहलोल खान को घोड़े सहित युद्ध में एक ही वार में दो हिस्सों में काट डाला था । हल्दीघाटी...HIDDEN STORIES
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